5 Essential Elements For “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”
मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं.त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।
गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।
डॉ. कुणाल कुमार झा ने बताया कि इस नवरात्रि में साधक लोग पूरे विश्व के भले के लिए साधना करेंगे, जिससे अच्छा फल मिले. यह नवरात्रि तंत्र साधकों के लिए खास मानी जाती है, जो अपनी तंत्र साधना को दूसरों से छिपाकर करते हैं.
Gupt Navratri is very essential for those who are deeply associated with the field of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the best time to accomplish good results in Unique sadhana and to receive blessings within the Guru.
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
Navratri is enough time to worship the website universe's sacred feminine spirit, Goddess Durga, with utmost devotion and faith. Does one understand why we celebrate Navratri? Enable me to reply. Navratri is enough time of calendar year to rejoice the change of seasons with determination, renewal, and joy.
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।
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पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।